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हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज खोलने में मदद करता है है ये आसन, जीवन à¤à¤° रहेंगे फिट
अगर आप फेफड़ों को मजबूत रखना चाहते हैं तो à¤à¥à¤œà¤‚गासन जरूर करें। इससे हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज कà¤à¥€ नहीं होगा। à¤à¥à¤œà¤‚गासन, सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार के 12 आसनों में से आठवां है। à¤à¥à¤œà¤‚गासन को सरà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¤¨, कोबरा आसन या सरà¥à¤ª मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है। इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में शरीर सांप की आकृति बनाता है। यह आसन जमीन पर लेटकर और पीठको मोड़कर किया जाता है। जबकि सिर सांप के उठे हà¥à¤ फन की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में होता है। à¤à¥à¤œà¤‚गासन करने की विधि, इससे होने वाले अनेक फायदे के बारे में जानकारी दे रही हैं जमशेदपà¥à¤° की योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ रूमा शरà¥à¤®à¤¾
योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ रूमा शरà¥à¤®à¤¾ कहती हैं कि à¤à¥à¤œà¤‚गासन करने से पहले कà¥à¤› जानकारी होना जरूरी है। जैसे à¤à¥à¤œà¤‚गासन को खाली पेट ही करना चाहिà¤à¥¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨, आसन करने के वकà¥à¤¤ से कम से कम चार से छह घंटे पहले किया जाना चाहिà¤à¥¤ इससे हमारे पेट में गठà¤à¥‹à¤œà¤¨ को पचने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ समय मिल जाता है। पचे हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ से मिलने वाली उरà¥à¤œà¤¾ से आपको आसन करने में आसानी होगी। à¤à¥à¤œà¤‚गासन सà¥à¤¬à¤¹ में ही करना अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
à¤à¥à¤œà¤‚गासन करने की विधि
पेट के बल जमीन पर लेट जाà¤à¤‚, अपनी दोनों हथेलियों को जांघों के पास जमीन की तरफ करके रखें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें के आपके टखने à¤à¤• दूसरे को छूते रहें।
इसके बाद अपने दोनों हाथों को कंधे के बराबर लेकर आà¤à¤‚ और दोनों हथेलियों को फरà¥à¤¶ की तरफ करें।
अब अपने शरीर का वजर अपनी हथेलियों पर डालें, सांस à¤à¥€à¤¤à¤° खींचें और अपने सिर को उठाकर पीठकी तरफ खीचें। धà¥à¤¯à¤¾à¤° दें कि इस समय आपकी कà¥à¤¹à¤¨à¥€ मà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ हो।
इसके बाद आपे सिर को पीछे की तरफ खीचें और साथ ही अपनी छाती को à¤à¥€ आगे की तरफ निकालें। सिर को सांप के फन की तरह खींचकर रखें। लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि आपके कंधे कान से दूर रहें और कंधे मजबूत बने रहें।
इसके बाद अपने हिपà¥à¤¸, जांघों और पैरों से फरà¥à¤¶ की तरफ दबाव बढ़ाà¤à¤‚।
शरीर को इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में करीब 15-30 सेकेंड तक रखें और सांस की गति को सामानà¥à¤¯ बनाठरखें। à¤à¤¸à¤¾ महसूस करें कि आपका पेट फरà¥à¤¶ की तरफ दब रहा है। लगातार अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने के बाद आप इस आसन को दो मिनट तक à¤à¥€ कर सकते हैं।
à¤à¥à¤œà¤‚गासन करने के फायदे
टेंशन दूर होता है और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में à¤à¥€ इससे फायदा मिल सकता है।
फेफड़ों और हारà¥à¤Ÿ की नसों के बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज खोलने में à¤à¥€ मदद करता है।
साइटिका और असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की बीमारी में à¤à¥€ राहत दिलाता है।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ मजबूती और लचीलापन बढ़ता है।
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ के सà¤à¥€ अंगों को मजबूत करता है।
पाचनतंतà¥à¤°, मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करता है और यौन शकà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाता है।
वजन कम करने में मदद मिल सकता है।
फेफड़े, कंधों, सीने और पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में अचà¥à¤›à¤¾ खिंचाव मिलता है।
à¤à¥à¤œà¤‚गासन करने में सावधानियां
à¤à¥à¤œà¤‚गासन करने के लिठकà¥à¤› सावधानियां है। जैसे कि यदि आप हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के मरीज हैं तो à¤à¥à¤œà¤‚गासन नहीं करें। इसी तरह पीठमें चोट, कारà¥à¤ªà¤² टनल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, सिर दरà¥à¤¦, पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में सरà¥à¤œà¤°à¥€ हो तो नहीं करना चाहिà¤à¥¤
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